TREKKING के किस्से

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Bawray Banjaray Team at Sohra in Meghalaya

पीरियड्स, ट्रिप्स एंड ट्रेक्स – एक ज़रूरी बातचीत और कुछ टिप्स | Bawray Banjaray गाइड

‘पीरियड्स’, ‘माहवारी’, ‘महीने के वो दिन’, ‘अशुद्ध होना’, ‘डाउन होना’ जैसे शब्दों की आड़ लेकर स्कूलों में अपने स्कर्ट्स पर चॉक की सफ़ेदी, गाँवों में राख के टेक्सचर और छोटे शहरों में पुराने कतरनों के नीचे एक पूरी पीढ़ी ने पूरे ताम झाम से एक सिंपल बायोलॉजिकल प्रोसेस के नाम पर सबका चूतिया (माफ़ करना, गुस्से में इधर उधर हो जाता है!) काटा है! और, आज भी यही एक्सपेक्ट किया जा रहा है कि वैसे ही ये वाली पीढ़ी भी कटवाती रहे — अब ये तो होने से रहा! ट्रैवल ब्लॉगिंग के शुरूआती दिनों से ही ट्रिप्स और ट्रेक्स पर पीरियड्स को लेकर होने वाली परेशानियां, दिक्कतें और हिडेन कॉम्पलेक्सेज़ के बारे में लिखने और बात करने की चुल रही है – लॉकडाउन में ये भी निपटा ले रहे हैं!

Bawray Banjaray on Hampta Pass Trek

15 अगस्त वाली ट्रिप – ट्रिपिंग इन टू द हिल्ज़ ऑफ़ इंडियन हिमालय | भाग – 11

कोरोना के होने से पहले ही हमने क्वारंटाइन लाइफ कैसी होती है, इसका टीज़र देख लिया था. हमें तब पता नहीं था कि इसे ‘क्वारंटाइन होना’ कहेंगे। हमप्ता के बालू घेरा बेस कैंप पर पचपन घंटे बारिश में फंसने के बाद अपना झोला उठाकर वापिस मनाली के लिए निकल लिए।

Bawray Banjaray on trek to Hampta Pass

15 अगस्त वाली ट्रिप – ट्रिपिंग इन टू द हिल्ज़ ऑफ़ इंडियन हिमालय | भाग – 10

“भाईजी, सामने पहाड़ की वो चोटी देख रहे हैं, वो न जाने कितनी सदियों से यहां है! पहाड़ पार करने वाले कितने लोग आते-जाते रहे हैं, पर ये पहाड़, ये चोटियां, कहीं नहीं गई हैं. ये यहीं रहे हैं,और यहीं रहेंगे. मेरी सलाह लें तो आप अगली बार फिर आना, थोड़ा जल्दी, और कामना करके आना कि उस बार मौसम कि कृपा आप पर रहे और आप हमप्ता की यात्रा पूरी कर पाएं.” — ‘सार’ के ये भारी शब्द कहते हुए चंद्रा भाई ने हमें बालू घेरा से वापस रुख़सत किया.

balu ka ghera campsite during hampta pass trek

15 अगस्त वाली ट्रिप – ट्रिपिंग इन टू द हिल्ज़ ऑफ़ इंडियन हिमालय | पार्ट – 9

यहां से अपने को सामने वो पहाड़ दिख रहा था जिसके पार जाना था. मन तो था कि बिना रुके निकल लें, शाम को सीधा लाहौल, छतरू पहुंचे और वहीं रात बिताकर अगले दिन काजा से आती पहली बस में बैठकर ही मनाली पहुंच जाएंगे। पर अपने साथ दो पंटर और थे, उनको ये प्लान थोड़ा कम सूट करता। इस करके हमने यहीं रुकने का मन बना लिया और अपना टेंट यहीं रॉकी भाईजी की दूकान के करीब गाड़ दिए. अब इंतज़ार बस अगली सुबह का था, और फिर अपन लोग हमप्ता के उस पार होंगे।

Daria at Kishansar Lake

Kashmir Great Lakes Trek : A Bawray Banjaray Guide

लास्ट मंडे जाते जाते हमने आपको Kashmir Great Lakes की ideal itinerary दी थी। वैसे तो कुछ भी करने का सबका अपना अपना तरीका और ताम झाम होता है, फिर भी किसी और के एक्सपीरियंस से अगर कुछ सीखने को मिल रहा हो तो सीखने में कोई हर्ज़ नहीं करना चाहिए। बताने को तो काफी है, जैसे आपको क्या करना चाहिए और कैसे करना चाहिए और यह भी बता सकते हैं कि हमने क्या किया था और कैसे किया था। अगर किसी एक चीज़ पर फ़ोकस करेंगे तो दूसरी वाली पीछे रह जाएगी, इसलिए दोनों का एक बैलेंस्ड मिक्स लिखने की कोशिश कर रहे हैं। हम बस इतना कहना चाहते हैं कि जाइए, ज़रुर जाइए पर उस डेस्टिनेशन या ट्रेक की कुछ वाइटल इनफार्मेशन जाने बिना नहीं और कश्मीर के ग्रेट लेक्स ट्रेक के लिए तो इस प्रॉब्लम को हम सॉल्व किये देते हैं अभी।

Kishansar Vishansar Kashmir Great Lakes Trek

Kashmir Great Lakes Trek : A Bawray Banjaray Guide

जब लिखने बैठे तो शुरुआत में बस दो चार अल्फ़ाज़ इधर उधर कर पाए और एक बार फिर से कश्मीर को धरती का जन्नत कहते कहते रुक से गए। फिर हमें लगा कि आपको वह कश्मीर बताते हैं जिसे न तो ख़ुसरो ने देखा होगा और एक मुग़ल बादशाह के वहां जाने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। हम बात कर रहे हैं कश्मीर में ट्रेकिंग की — ख़ास तौर पर Kashmir Great Lakes Trek की।

Kanchan SIrohi at Bhrigu Lake

भृगु, भसूड़ी और ट्रेकिंग का रोमांच!

हमें इस ट्रेक से जो समझ आया, वो ये था कि हमारी ज़िंदगी भी तो किसी ट्रेक की तरह ही है। मंज़िल तक पहुँचाने के लिए वो हमें तरह-तरह की मुश्किलों से मिलवाते हुए चलती है, पर आपको बस चलते रहने होता है। हर मुश्किल के साथ कुछ न कुछ सीखने को भी होता है। अगर आप मुश्किलों से हार न मान कर डटे रहते हैं तो मंज़िल तक ज़रूर पहुंचते हैं। किसी को प्यार में चाहना ही शिद्दत नहीं होता, शिद्दत हर उस चीज़ में होती है जो आपको ख़ुश करती है! तो, ऐसे काम ज़रूर करने चाहिए जो आपको अंदर से ख़ुश करें। ट्रैव्लिंग उनमें से एक है।

Shrikhand Mahadev Yatra by Bawray Banjaray

Shrikhand Mahadev Yatra 2018 | Vlog – Bawray Banjaray At Shrikhand

15 अगस्त वाले वीकेंड पर बागा सराहन और फिर वहाँ से श्रीखंड महादेव जाने का प्लान था अपना। होकर तो आ चुके हैं पर वहाँ से अभी बाहर नहीं निकल पाए हैं। जिसका कभी अंदाज़ा भी न रहा हो वैसा एक्सपीरियंस रहा; जो दिखा वो कल्पना से परे था, जो सुना वो आजतक अन-सुना था – शोर था और शान्ति भी। मॉनसून था तो पूरी वादी में बादल खेल रहे थे और प्रकृति जैसे ओस का पर्दा करे बैठी हो। कभी-कभी बस जब बादल हटते तो दूर क्षितिज दिखता वरना एहसास हवा में तो था पर नज़ारा बंद। रास्ते में […]

Bawray Banjaray on trek in the Himalayas

रेस्पोंसिबल ट्रेकिंग – क्या आप एक ज़िम्मेदार ट्रेकर हैं?

बर्फ़ गई और समय आ गया है पिछले साथ-आठ महीनों से बंद पड़े रस्ते, रोड्स, ट्रेल्स और ट्रेक्स के खुलने का. चटक धूप खिली है और सफ़ेद पाउडर का सूरज और चाँद के साथ नैन-मटक्का भी शुरू हो गया है. बर्फ़ भी उम्मीद से ज़्यादा मिली है, सो उसका भी इन रास्तों और ट्रेक्स पर अपना ही असर है. इधर परीक्षाएं भी ख़त्म होने वाली है, फिर आएंगी गर्मी की छुट्टियां और उत्तर भारत में शादियों के मौसम – आजकल लोगों का हनीमून ‘ट्रेक’ भी हो गया है! कुल मिलाकर देखा जाए तो उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू कश्मीर जैसे राज्यों में […]

Bawray Banjaray On Trek to Srikhand Mahadev

Shrikhand Mahadev Yatra — दर्शन, दर्पण, अर्पण, सम्मोहन, सशक्तिकरण और समर्पण!

कोई श्रद्धा से, कोई शौक से, कोई सनक में या पागलपन में – हर साल हज़ारों लोग अपने -अपने मकसद और अरमान लिए श्रीखंड महादेव की यात्रा के लिए आते हैं. कुछ दर्शन कर पाते हैं, कुछ रह जाते हैं. 2018 में भी कुछ ऐसा ही हुआ – करीब 12 से 13 हज़ार लोग श्रीखंड दर्शन करने पहुँचे, लेकिन सिर्फ़ दो से ढ़ाई हज़ार लोगों को ही बाबा के दर्शन मिले. हम बहुत ख़ुश-नसीब रहे कि हमें ऊपर मौसम बेहतरीन मिला। फूल जैसी यात्रा रही और दर्शन अलौकिक! श्रीखंड महादेव ट्रैक आसान तो नहीं है पर नामुमकिन भी नहीं ! […]

A cloudy view of mountains during Shrikhand mahadev yatra

Things To Know About Srikhand Mahadev Trek – A BAWRAY BANJARAY Guide

Shrikhand Mahadev trek is the saga of speaking stones, boulders called as stairs, flamboyant waterfalls, canals cutting through the ways, muddy ways beyond clouds, scenic snow-clad mountains and all that which is a part of mother nature. The trek is famous as a pilgrimage to the peak of Shrikhand Mahadev where a rock-made Shivling of around 75 feet in height and 46 feet in thickness is situated at a height of 18570 ft in the Indian Himalayas.

Bawray Banjaray crossing Gadsar Pass

Night Out At Kishansar and Vishansar Lakes – Kashmir Great Lakes

पहुंचे तो पता चला कि यहाँ झील के आस-पास टेंट नहीं लगा सकते – सरकारी ऑर्डर है (क्योंकि यहाँ भूत आते हैं – ऐसा लोग कहते हैं )! लो भाई, अब क्या करें!

Bawray Banjaray at Triund Trek

Travel Triund – A Trek too poetic!

Have you ever wondered if wandering can be poetic? If no, then Trying Triund should be first in your trek-list. A trek so serene and tranquil with ways so poetic that every single step of yours seems to create music. The Triund top is best known for its quietude which fills you from inside, an enchanting view of Dhauladhar Mountain Range and a large ridge of green grass with a 360-degree view of mountainous beauty. ABOUT THE TREK It is one day trek to the top of Triund Hill amidst the laps of Dhauladhar mountains, also known as ‘the crown […]