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Art installations at Dwijing Festival

किस्सा ए दानाई – बोडोलैंड ट्रॅवलॉग | पार्ट 1

अगर सिर्फ लिखने की ही बात है, तो हम अपने पैरों को पंख और आपके मन को पीस लिख सकते हैं! पर अभी हमारा मन ऐसा कुछ लिखने का नहीं है — अभी तो हमारे दिमाग में सिर्फ एक क़िस्सा ए दानाई ने घर बना रक्खा है। पर यह क़िस्सा शुरू करने से पहले आपके लिए यह जानना ज़रूरी है कि क़िस्सा ए दानाई आख़िर है क्या बला! तो कान लगा के ध्यान से देखिएगा – क़िस्सा ए दानाई में दो वर्ड्स हैं, पहला क़िस्सा, जिसका माने है किस्सा, कहानी या वृतांत; और दूसरा वर्ड है दानाई, जिसका मतलब होता है विज़डम! तो जी, इस बोडोलैंड वाली ट्रिप पर जिस विज़डम से हम जिए, ये उसी की बात है – क़िस्सा ए दानाई।

वैसे ये क़िस्सा ए दानाई सुनते सुनते आपका इस बात पर हमें लताड़ने का मन कर सकता है कि हमारी लैंग्वेज प्योर और पारिवारिक क्यों नहीं है! हम बस इतना कहेंगे कि जिस दिन राजश्री प्रोडक्शन वाले अपनी फिल्मों की स्क्रिप्ट या डायलॉग हम से लिखवाने लगेंगे, उस दिन हम वो भी कर लेंगे। अब इससे पहले कि हम शूर्पनखा की तरह हांडते – हांडते, राम और लक्ष्मण पर फ़िदा हो कर अपनी नाक कटवा लें, हम अपने क़िस्सा ए दानाई पर आ जाते हैं।

Dwijing Festival

Know it all Guide to Dwijing Festival – BAWRAY BANJARAY GUIDES

Dwijing Festival is an annual festival held during the new year’s time, from Dec 27th to Jan 7th every year. We were invited by Bodoland Tourism and Assam Tourism to attend the festival, through their program, Ambassadors of Bodoland. While the festival lasts for 12 days, we spent 3 days here, and in these three days, we were not able to see it in its entirety. We couldn’t eat all the food, could not drink all types of local wines, dance with locals was never getting enough and the art installments were so thought-provoking that you might be spending days at a time and still not be fulfilled by the meanings.

Hornbill Festival 2018

नार्थईस्ट भारत से पहली मुलाकात – नागालैंड के हॉर्नबिल फ़ेस्टिवल में एक दिन

सारे परफॉर्मेंसेज़ देख कर हमको आख़िरकार वो चीज़ समझ आती है जिसके लिए नागा लोगों का यह परफॉर्मेंस होता है. परफॉर्मेंसेज़ का टॉपिक इतना सीरियस होते हुए भी सब मजाकिया तौर पर हो रहा होता है. नकली गन, नकली गोली और मारना मरना सब नकली। हालाँकि इसी परफॉर्मेंस के थ्रू ये लोग युद्ध के मैदान में होने वाले नुकसान को दिखाते हैं. यही इस परफॉर्मेंस का मकसद होता है. असल वॉर की एक पैरोडी करके ये लोग ह्यूमंस की लड़ाई वाली मानसिकता पर गहरी चोट करते हैं. बेशक इन लोगों में इस बात की समझ पर्सनल एक्सपीरियंस के बाद आयी हो, पर दर्शकों को अपनी पर्फोमन्स से इस बात पर सोचने को मजबूर करते हैं.

An eagle view of majuli Island

नार्थईस्ट भारत से पहली मुलाकात – रिकैप!

हमलोग कोहिमा शहर एक्स्प्लोर करते हुए हार्नबिल फेस्टिवल की तरफ बढ़ रहे थे. कलाम, लिंकन, इंस्टीन और एमिनेम — अगर कोई शहर आपको इन सब को एक ही फ़्रेम में दिखाता है, तो आपको एक बार ऐसे शहर को क़रीब से ज़रूर जानना चाहिए. हमारे पास कोहिमा में बिताने का ज्यादा समय तो नहीं था, पर दुबारा यहां आने के लिए शहर की इतनी झलक काफ़ी थी. कोहिमा से किसामा जाकर अब बारी थी नागालैंड के सबसे फ़ेमस ‘हॉर्नबिल फेस्टिवल’ अटेंड करने की. यही मौका था यहां के लोगों को और अच्छे से जानने का. जब तक हम आपसे नार्थईस्ट यात्रा की आगे की कहानी बताएं, तब तक आप आप माजुली में हमारे पहले दो दिनों की कहानी ज़रूर पढ़ लीजिए।

Cannabis Fields in India

डिकोडिंग चार सौ बीसी – व्हाट इज़ दिस ‘फ़ोर ट्वेंटी’ थिंग आफ्टर ऑल!

आज भी हर साल की तरह अप्रैल की बीसवीं तारीख है और दुनिया भर की चरसी-गंजेरी-भंगेड़ी जमात अपने अपने सोशल मीडिया पर इसकी ईद मनाते दिख रहे हैं. अब क्योंकि हमने भी दुनिया में कहीं भी, कभी भी प्रकृति की इस देन को संस्कृति का कानूनी हिस्सा बनाने की क्रांति करने में लगे बन्दे की सरकार बनाने में अपना दो कौड़ी का योगदान करने की पब्लिक घोषणा कर दी है, तो ये आइडिया आया कि एक बार चार इस चार सौ बीसी के बारे में भी बातचीत करते चलें!

Bodoland Territorial Region

Bodoland: An Epitome of Human Persistence

We got to know and experience the raw stories and unadulterated beauty of Bodoland, thanks to the Ambassadors of Bodoland program by Bodoland Tourism. We were hosted by Rootbridge Foundation on this 8-day extravaganza in ever-awesome Assam! Apart from the other stories that we had gathered, we also got to have some sense of what(s), why(s) and a couple of other questions! Let’s begin!

Bawray Banjaray Team at Sohra in Meghalaya

पीरियड्स, ट्रिप्स एंड ट्रेक्स – एक ज़रूरी बातचीत और कुछ टिप्स | Bawray Banjaray गाइड

‘पीरियड्स’, ‘माहवारी’, ‘महीने के वो दिन’, ‘अशुद्ध होना’, ‘डाउन होना’ जैसे शब्दों की आड़ लेकर स्कूलों में अपने स्कर्ट्स पर चॉक की सफ़ेदी, गाँवों में राख के टेक्सचर और छोटे शहरों में पुराने कतरनों के नीचे एक पूरी पीढ़ी ने पूरे ताम झाम से एक सिंपल बायोलॉजिकल प्रोसेस के नाम पर सबका चूतिया (माफ़ करना, गुस्से में इधर उधर हो जाता है!) काटा है! और, आज भी यही एक्सपेक्ट किया जा रहा है कि वैसे ही ये वाली पीढ़ी भी कटवाती रहे — अब ये तो होने से रहा! ट्रैवल ब्लॉगिंग के शुरूआती दिनों से ही ट्रिप्स और ट्रेक्स पर पीरियड्स को लेकर होने वाली परेशानियां, दिक्कतें और हिडेन कॉम्पलेक्सेज़ के बारे में लिखने और बात करने की चुल रही है – लॉकडाउन में ये भी निपटा ले रहे हैं!

अ वीकेंड ट्रिप टू भदरवाह – जम्मू का ‘मिनी कश्मीर’ | पार्ट 2 | बावरे बंजारे ट्रैवलॉग्स

सुबह अपना कैमरा उठाया और गांव में घूमने निकल पड़े. गांव के सभी घर, घाटी की एक साइड, थोड़ी-ऊंचाई पर बसे हुए थे. सामने वाला पहाड़ पेड़ों का घुप्प जंगल था. बढ़िया धूप खिली हुई थी और गांव के लोग अपने खेतों में जाने की तैयारी कर रहे थे. घाटी से एक नाला होकर निकलता है, जो आगे नीरू धारा में जाकर मिलता है. नीरू धारा भदरवाह टाउन से होते हुए डोडा जाकर चेनाब नदी में मिल जाती है. हमने इसी नाले के साथ साथ ऊपर की ओर चलना शुरू कर दिया. रास्ते में कई लोग अपनी भेड़- बकरियों के साथ जाते दिखे, हम भी इन्हीं के साथ साथ चलते गए, बातें करते गए. कई लोग अपने परिवारों और अपने बैलों के साथ खेतों में काम कर रहे थे. सुबह की धूप और हवा में मिट्टी से उठती खुशबु घुलकर ऐसे चढ़ रही थी कि चलने का अलग ही सुर बन चुका था. हम लोग फ़ोटो खींचते, रुकते, चले जा रहे थे.

Village Homes in Bhaderwah

अ वीकेंड ट्रिप टू भदरवाह – जम्मू का ‘मिनी कश्मीर’ | पार्ट 1 | बावरे बंजारे ट्रैवलॉग्स

जम्मू बस स्टॉप से पहले हमने भदरवाह के कोई डायरेक्ट बस देखी — अगर मिल जाती तो डोडा से नहीं बदलनी पड़ती. पर जम्मू से हमें डोडा के लिए ही बस मिली! जम्मू कश्मीर की लोकल बसों में घूमना जरूर बनता है. HRTC से एकदम अलग एक्सपीरियंस है. यहाँ की बसें, बसें कम, रंग बिरंगे, सजे हुए ट्रक ज़्यादा लगते हैं. और इनमें सफ़र करने वाले लोग, बस अब क्या ही बताया जाए!

Bawray Banjaray with Ambassadors Of Bodoland in Manas National Park

Kalamati : An Unknown Frontier At The Indo Bhutan Border

Kala meaning ‘color black’ and Mati meaning soil, Kalamati would be the name of a place where the soil is black – in fact, one of the blackest we have ever got our eyes upon — thanks to the abundance of various salts and other ores. Kalamati is situated on […]

सोशल मीडिया की भसड़ – अ बावरे बंजारे पर्सपेक्टिव | बिंदास भड़ास

आपको बेवकूफ़ बनाया जा रहा है – आपके समय, आपके अटेंशन को कितना हल्के में लिया जा रहा है ये भी सोचिए। और ये भी सोचिए कि अगर ऐसा ही रहा तो आपके सामने से आपकी कहानियां ग़ायब हो जाएंगी और एक विकृत, डिस्टॉर्टेड मानसिकता जो आज हमारी सच्चाई बन गई है, उसकी आग इन कहानियों में आपके हीरो बनने के अधिकार को लील जाएगी।

Bawray Banjaray on Hampta Pass Trek

15 अगस्त वाली ट्रिप – ट्रिपिंग इन टू द हिल्ज़ ऑफ़ इंडियन हिमालय | भाग – 11

कोरोना के होने से पहले ही हमने क्वारंटाइन लाइफ कैसी होती है, इसका टीज़र देख लिया था. हमें तब पता नहीं था कि इसे ‘क्वारंटाइन होना’ कहेंगे। हमप्ता के बालू घेरा बेस कैंप पर पचपन घंटे बारिश में फंसने के बाद अपना झोला उठाकर वापिस मनाली के लिए निकल लिए।

People in Umswai Village

Know It All Guide To Umswai Valley: Well Kept Secrets Of Rural Assam

We are pretty sure that when it comes down to places to visit in Assam, a list of well-advertised places with names of the city of Guwahati, Kamakhya Temple, Kaziranga National park, Tezpur, Sialkuthi, Majuli, and of course the all-mighty Brahmaputra pop up. But what if we tell you that […]

Bawray Banjaray on trek to Hampta Pass

15 अगस्त वाली ट्रिप – ट्रिपिंग इन टू द हिल्ज़ ऑफ़ इंडियन हिमालय |भाग – 10

“भाईजी, सामने पहाड़ की वो चोटी देख रहे हैं, वो न जाने कितनी सदियों से यहां है! पहाड़ पार करने वाले कितने लोग आते-जाते रहे हैं, पर ये पहाड़, ये चोटियां, कहीं नहीं गई हैं. ये यहीं रहे हैं,और यहीं रहेंगे. मेरी सलाह लें तो आप अगली बार फिर आना, थोड़ा जल्दी, और कामना करके आना कि उस बार मौसम कि कृपा आप पर रहे और आप हमप्ता की यात्रा पूरी कर पाएं.” — ‘सार’ के ये भारी शब्द कहते हुए चंद्रा भाई ने हमें बालू घेरा से वापस रुख़सत किया.

Streets of Jodhpur

जोधपुर में एक दिन – शाही समोसे, मिर्ची बड़े और जोधपुर किले की ठसक (पार्ट 1)

से तो सर्दियों की सुबह थी पर दिल्ली और हिमाचल की ठंड भोग चुके अपन लौंडों को जोधपुर की ठंड में एकदम कोज़ी कोज़ी लग रहा था! पढ़िए जोधपुर में एक दिन का Thursday Throwback

कैम्पिंग इन हर्सिल – एक बेहतरीन कैंपिंग स्पॉट का जुगाड़

बस, यही है अपना सीक्रेट अड्डा – बागोरी की ओर जाने वाले मेन रोड से राइट होकर कुछ 300 मीटर दूर। कैम्प सेट करिए, आग के लिए बेहिसाब लकड़ी, और नहाने धोने के लिए बढ़िया साफ पानी – कैम्प करने के लिए और क्या चाहिए? अगर आपको कुछ ‘और’ पूछना या जानना है, तो कमेंट्स में पूछ लीजिए।

balu ka ghera campsite during hampta pass trek

15 अगस्त वाली ट्रिप – ट्रिपिंग इन टू द हिल्ज़ ऑफ़ इंडियन हिमालय | पार्ट – 9

यहां से अपने को सामने वो पहाड़ दिख रहा था जिसके पार जाना था. मन तो था कि बिना रुके निकल लें, शाम को सीधा लाहौल, छतरू पहुंचे और वहीं रात बिताकर अगले दिन काजा से आती पहली बस में बैठकर ही मनाली पहुंच जाएंगे। पर अपने साथ दो पंटर और थे, उनको ये प्लान थोड़ा कम सूट करता। इस करके हमने यहीं रुकने का मन बना लिया और अपना टेंट यहीं रॉकी भाईजी की दूकान के करीब गाड़ दिए. अब इंतज़ार बस अगली सुबह का था, और फिर अपन लोग हमप्ता के उस पार होंगे।

A goor is the messangers of

क्या जीसस और हिमालय के एंशिएंट ट्राइब्स रिलेटेड हैं?

इंटर कल्चरल कम्पेरिज़न्स में इस तरह की मिलती जुलती बातें सामने आना कोई नई बात नहीं है। एक जिज्ञासु होने के नाते वैसे भी हम सबके मन मे ऐसे बहुत से सवाल उठते रहते हैं। यह भी अभी एक नया विचार है, एक ऐसा विचार, जिससे रैडिकल सोच वाले लोगों को असहमति भी हो सकती है। लेकिन, यह हिमालय और अन्य संस्कृतियों के डिफरेंट आस्पेक्ट्स की स्टडीज़ को एक अलग डायरेक्शन दे सकता है। नड़ और गूर कम्युनिटी के बारे मे ऐसी कई बातें हैं जिनपर अगर गौर किया जाए, तो हमें अपनी हिस्ट्री और कल्चर से जुड़े बहुत से सवालों के जवाब मिल सकते हैं। बस हमें यह ध्यान रखना होगा कि हिमालय की इन ट्रेडिशंस को रेस्पेक्टफुली प्रिज़र्व किया जाए।

The Border Race

इस विजय दिवस जैसलमेर में The Border का हिस्सा बनिए!

अभी तक तो हमें भी इतना ही पता है. बाकी, आईडिया ये है कि रेस, लोंगेवाला बॉर्डर, वॉर मेमोरिअल्स देखा जाएगा! जैसलमेर शहर और किले भी घूमने जाएंगे। वापस आकर आपको कहानी सुनाएंगे और फिल्म भी दिखाएंगे – The Border की.