BAWRAY BANJARAY

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अयोध्या काण्ड – ल लद्दाख की कहानी (पार्ट 4)

कार्निवाल शायद धीरे धीरे सीप इन कर रहा था। ऐसा लग रहा था कि अब तक जो कुछ सीखा है, जितना जाना है और जितना आता है – सब कुछ इस ट्रिप के लिए ही है. अपने रामायण में भी तो दोनों भाईयों की लर्निंग्स को अयोध्या काण्ड में ही टेस्ट किया गया है. क्या ये हमारी ट्रिप का अयोध्या काण्ड चल रहा था?

Icy roads of Winter Spiti

विंटर में स्पीति ट्रिप – A Bawray Banjaray Guide

स्पीति वैली के लोगों की लाइफ तो मुश्किल है ही, ट्रैवेलर्स के लिए यहाँ पहुँचना उससे भी ज़्यादा डिफ़ीकल्ट है, ख़ास कर के सर्दियों में। जब नवंबर दिसंबर में बर्फ पड़ना शुरू होती है और रोहतांग के साथ साथ कुंजुम ला भी बंद हो जाता है, सर्दियों में स्पीति पहुंचने का सिर्फ एक रास्ता रह जाता है! हिंदुस्तान-तिब्बत हाईवे पर सतलुज नदी का पीछा करते हुए किन्नौर से आगे निकल कर स्पीति और सतलुज के संगम पर सतलुज छोड़ के स्पीति के साथ हो लेने वाला ये रास्ता ही विंटर स्पीति एक्सपेडिशन्स की मार्केट चलाता है.

Daria at Kishansar Lake

Kashmir Great Lakes Trek : A Bawray Banjaray Guide

लास्ट मंडे जाते जाते हमने आपको Kashmir Great Lakes की ideal itinerary दी थी। वैसे तो कुछ भी करने का सबका अपना अपना तरीका और ताम झाम होता है, फिर भी किसी और के एक्सपीरियंस से अगर कुछ सीखने को मिल रहा हो तो सीखने में कोई हर्ज़ नहीं करना चाहिए। बताने को तो काफी है, जैसे आपको क्या करना चाहिए और कैसे करना चाहिए और यह भी बता सकते हैं कि हमने क्या किया था और कैसे किया था। अगर किसी एक चीज़ पर फ़ोकस करेंगे तो दूसरी वाली पीछे रह जाएगी, इसलिए दोनों का एक बैलेंस्ड मिक्स लिखने की कोशिश कर रहे हैं। हम बस इतना कहना चाहते हैं कि जाइए, ज़रुर जाइए पर उस डेस्टिनेशन या ट्रेक की कुछ वाइटल इनफार्मेशन जाने बिना नहीं और कश्मीर के ग्रेट लेक्स ट्रेक के लिए तो इस प्रॉब्लम को हम सॉल्व किये देते हैं अभी।

The temple of Malana Village

मलाणा गाँव – मिथ, पॉपुलिज़्म या बकैती?

अब आप इस गाँव में रात में नहीं रुक सकते – ऑफिशियली! गाँव के शाशन तंत्र ने ऐलान किया है, अपने प्यारे जमलू ऋषि के नाम पर! वैसे ये अच्छा ही है – कुछ तो बकैती कम हुई. धंधा वैसे बराबर ही चल रहा होगा! ऐसी सेंसिटिव जियोग्राफी में इतने सारे लोगों को इतना ज़्यादा टाइम स्पेंड करना कहीं से भी सही नहीं था. टूरिज़्म इंड्यूस्ड कूड़ा भी बढ़ ही रहा था. खैर, आप ही डिसाइड करिए कि ये मिथ है या पॉपुलिज़्म या बकैती!

Jose on Le Ladakh Expedition in MOre Plains with Bawray Banjaray

अयोध्या काण्ड – ल लद्दाख की कहानी (पार्ट 3)

एक अनदेखे, अनकहे और अनसुने गोल की तरफ़ हम निकल पड़े थे। तय यह हुआ था कि जो लीग बाहर वाले परफॉर्मर्स होंगे, उनके खर्चे का कुछ हिस्सा हम उठाएंगे ताकि उनके लिए एक मोटिवेशन भी रहे और कम्फर्ट भी – अब कहाँ पैसे होते हैं अपने इण्डियन आर्टिस्टों के पास। पर पैसे तो हमारे पास भी नहीं थे। और अगर हम किसी और को आर्टिस्ट मन रहे थे तो खुद को क्यों न मानें?

15 अगस्त वाली ट्रिप – ट्रिपिंग इन टू द हिल्ज़ ऑफ़ इंडियन हिमालय | पार्ट – 7

देखो रास्ता तो वही लोग खोज सकते हैं जो भटके हैं , जिनको भटकने की खबर नहीं उनको मंज़िल से क्या! पिछले दिन मनाली के चक्कर में हम लोग जादुई बालकनी से नीचे उतर आए. नीचे उतर कर भी नज़ारे कम नहीं थे हमारे लिए. ब्यास नदी के किनारे-किनारे वशिष्ठ […]

Joana making a wall painting in India with Bawray Banjaray

Letters To Joanna – हैप्पी बर्थडे डीयर Joanna!

हैप्पी बर्थडे। हम जानते हैं कि तुम यह चिट्ठी पढ़ोगी। तुम्हें हिंदी का अ ब स भी नहीं पता है, तब भी तुम पढ़ोगी। तुम्हारे-हमारे समय में टेक्नोलॉजी जो है! हमारी तुम्हारी भाषा के बीच का अंतर ही खत्म कर दिया। पर समय और स्पेस का अंतर नहीं पाटा जा पाया है। अभी तो मुश्किल ही लगता है यह सोच पाना। तुम्हारे सनराइज़ का टाइम जो अलग है!

Sunrise in Majul by Brahmaputra River

नार्थईस्ट भारत से पहली मुलाकात – पार्ट 1

बहुत से लोग, संस्थाएं और सरकार इसे बचाने की कोशिश में लगे हैं। पर, माजुली को बचाने के लिए अभी तक जितने भी प्रयास किये गए हैं, कुछ ज्यादा सफल नहीं रहे। जरुरत है कि ज्यादा से ज्यादा लोग माजुली पहुँचे और लिखकर, मूवी बनाकर या किसी भी तरीके से माजुली पर मंडराते खतरे के बारे में लोगों को बताएं। सरकार और संस्थाओं के साथ-साथ लोगों का साथ ज्यादा जरुरी है, नहीं तो माजुली नक़्शे से ही गायब हो जाएगा।

Kishansar Vishansar Kashmir Great Lakes Trek

Kashmir Great Lakes Trek : A Bawray Banjaray Guide

जब लिखने बैठे तो शुरुआत में बस दो चार अल्फ़ाज़ इधर उधर कर पाए और एक बार फिर से कश्मीर को धरती का जन्नत कहते कहते रुक से गए। फिर हमें लगा कि आपको वह कश्मीर बताते हैं जिसे न तो ख़ुसरो ने देखा होगा और एक मुग़ल बादशाह के वहां जाने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। हम बात कर रहे हैं कश्मीर में ट्रेकिंग की — ख़ास तौर पर Kashmir Great Lakes Trek की।

सियाचिन ग्लेशियर – ख़्वाब तो हम Bawray Banjaray भी देखते है!

जब तक सरकार या आर्मी की ओर से कोई ऑफिसियल स्टेटमेंट नहीं आ जाता है तब तक बैठिये, मिल कर सियाचिन ग्लेशियर जाने के सपने देखते हैं. सपने से याद आया के साल्तोरो रिज पर खड़े हो कर कराकोरम रेंज को देखने का सपना तो हम भी देख रहे है. उस दिन का इंतज़ार रहेगा!

15 अगस्त वाली ट्रिप – ट्रिपिंग इन टू द हिल्ज़ ऑफ़ इंडियन हिमालय | पार्ट – 6

सुबह की शुरुआत तो हमारी जादुई ही होती थी; सामने रोहतांग और नीचे सोलांग-मनाली। पर मनाली में एक ही जगह बैठकर चिल्ल करते हमें दो दिन हो चुके थे. अब हमारे पैरों में खुजली मचने लगी थी.

Bawray Banjaray on trek to Hampta Pass

15 अगस्त वाली ट्रिप – ट्रिपिंग इन टू द हिल्ज़ ऑफ़ इंडियन हिमालय | पार्ट – 5

जो हम वशिष्ठ मनाली में कर रहे थे, इसी को हम असल में चिल्ल करना कहते है. अगर जिंदगी का नाम घूमते-रहना है, तो इसे जीने का मतलब और स्वाद तो खाने में ही है. खाना जशन है जिंदगी का. पर हम कितना चिल्ल कर सकते हैं, कितना जशन मना सकते हैं, यह तो हमें खुद नहीं पता था!

सियाचिन ग्लेशियर – दुनिया के सबसे ऊँचे बैटल फ़ील्ड में टूरिज़्म के फ़ायदे और नुकसान

जो सियाचिन देखने के सपने देखते थे, उनसे लेकर जो बस सियाचिन को देश प्रेम झाड़ने का ज़रिया मानते हैं, उन तक — कल शाम से सियाचिन जाने के कितने सपने सजते चले गए. साथ ही, हर मुद्दे और पहल पर डिबेट करने का राष्ट्रीय रोज़गार भी शुरू हो गया – कितना सही है, कितना गलत है से लेकर ग्लोबल वार्मिंग के असर तक – इतना ज्ञान पेला जा रहा है कि हमने सोचा कि चलो थोड़ा पढ़ा जाए और जाना जाए कि आखिर सीन है क्या सियाचिन का. तो सबसे पहले ये पता किया गया कि सियाचिन है क्या, कहाँ है, क्यों है और फिर ये सारा बवाल समझ आया. तो जो हमारी समझ में आया, वही आपसे शेयर कर रहे हैं।

Balcony of Bawaray Banjaray home Vashisht

15 अगस्त वाली ट्रिप – ट्रिपिंग इन टू द हिल्ज़ ऑफ़ इंडियन हिमालय | पार्ट – 4

घूमने का नाम है जिंदगी और जिंदगी जीने का नाम है खाना! इसी चिल्ल के चलते मनाली ट्रिप पर दावते इश्क़ चल रहा था एंड वी वर हाई ऑन फ़ूड.

Bawray Banjaray In Baga Sarahan

Camping At Baga Sarahan Meadow – बारिशों में बागा का स्वाद!

भूख लगी थी तो खाने का जुगाड़ करने के लिए बाहर निकलना पड़ा. तब तक बारिश भी थोड़ी मंदी हो चुकी थी. जिन भाई जी ने टेंट लगाने की जगह दी थी उनके घर पर साथ लाई गई मैगी बनवाई और तुरंत खा-पीकर टेंट में सेट हो गए. टेंट पर पड़ती हल्की बूँदों की पट-पट में कब नींद आयी याद नहीं है. अगले दिन सुबह जब बाहर निकलकर देखा तो सीन ये था।

Sunset at Pangong Tso

Pangong Tso | Bawray Banjaray Guide To Crown Jewel Of Ladakh

A Brief Introduction of Pangong Tso Pangong Tso, one of the most famous tourist destinations in Ladakh, is situated a bit south from east of Leh. Pangong Tso Lake, is an endorheic lake in the Himalayas situated at a height of about 4,350 m (14,270 ft), refers to the grassland […]