Monthly Archives: October 2019

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Bawray Banjaray on trek to Hampta Pass

15 अगस्त वाली ट्रिप – ट्रिपिंग इन टू द हिल्ज़ ऑफ़ इंडियन हिमालय | पार्ट – 5

जो हम वशिष्ठ मनाली में कर रहे थे, इसी को हम असल में चिल्ल करना कहते है. अगर जिंदगी का नाम घूमते-रहना है, तो इसे जीने का मतलब और स्वाद तो खाने में ही है. खाना जशन है जिंदगी का. पर हम कितना चिल्ल कर सकते हैं, कितना जशन मना सकते हैं, यह तो हमें खुद नहीं पता था!

Kanchan SIrohi at Bhrigu Lake

भृगु, भसूड़ी और ट्रेकिंग का रोमांच!

हमें इस ट्रेक से जो समझ आया, वो ये था कि हमारी ज़िंदगी भी तो किसी ट्रेक की तरह ही है। मंज़िल तक पहुँचाने के लिए वो हमें तरह-तरह की मुश्किलों से मिलवाते हुए चलती है, पर आपको बस चलते रहने होता है। हर मुश्किल के साथ कुछ न कुछ सीखने को भी होता है। अगर आप मुश्किलों से हार न मान कर डटे रहते हैं तो मंज़िल तक ज़रूर पहुंचते हैं। किसी को प्यार में चाहना ही शिद्दत नहीं होता, शिद्दत हर उस चीज़ में होती है जो आपको ख़ुश करती है! तो, ऐसे काम ज़रूर करने चाहिए जो आपको अंदर से ख़ुश करें। ट्रैव्लिंग उनमें से एक है।

सियाचिन ग्लेशियर – दुनिया के सबसे ऊँचे बैटल फ़ील्ड में टूरिज़्म के फ़ायदे और नुकसान

जो सियाचिन देखने के सपने देखते थे, उनसे लेकर जो बस सियाचिन को देश प्रेम झाड़ने का ज़रिया मानते हैं, उन तक — कल शाम से सियाचिन जाने के कितने सपने सजते चले गए. साथ ही, हर मुद्दे और पहल पर डिबेट करने का राष्ट्रीय रोज़गार भी शुरू हो गया – कितना सही है, कितना गलत है से लेकर ग्लोबल वार्मिंग के असर तक – इतना ज्ञान पेला जा रहा है कि हमने सोचा कि चलो थोड़ा पढ़ा जाए और जाना जाए कि आखिर सीन है क्या सियाचिन का. तो सबसे पहले ये पता किया गया कि सियाचिन है क्या, कहाँ है, क्यों है और फिर ये सारा बवाल समझ आया. तो जो हमारी समझ में आया, वही आपसे शेयर कर रहे हैं।

Balcony of Bawaray Banjaray home Vashisht

15 अगस्त वाली ट्रिप – ट्रिपिंग इन टू द हिल्ज़ ऑफ़ इंडियन हिमालय | पार्ट – 4

घूमने का नाम है जिंदगी और जिंदगी जीने का नाम है खाना! इसी चिल्ल के चलते मनाली ट्रिप पर दावते इश्क़ चल रहा था एंड वी वर हाई ऑन फ़ूड.

Bawray Banjaray In Baga Sarahan

Camping At Baga Sarahan Meadow – बारिशों में बागा का स्वाद!

भूख लगी थी तो खाने का जुगाड़ करने के लिए बाहर निकलना पड़ा. तब तक बारिश भी थोड़ी मंदी हो चुकी थी. जिन भाई जी ने टेंट लगाने की जगह दी थी उनके घर पर साथ लाई गई मैगी बनवाई और तुरंत खा-पीकर टेंट में सेट हो गए. टेंट पर पड़ती हल्की बूँदों की पट-पट में कब नींद आयी याद नहीं है. अगले दिन सुबह जब बाहर निकलकर देखा तो सीन ये था।

Sunset at Pangong Tso

Pangong Tso | Bawray Banjaray Guide To Crown Jewel Of Ladakh

A Brief Introduction of Pangong Tso Pangong Tso, one of the most famous tourist destinations in Ladakh, is situated a bit south from east of Leh. Pangong Tso Lake, is an endorheic lake in the Himalayas situated at a height of about 4,350 m (14,270 ft), refers to the grassland […]

Homestays In Himalaya | Part 1 | Bawray Banjaray Exclusive

कुछ रोज़ पहले बातल वाले चाचा चाची और हमारी कुछ बातें आप लोगों के साथ शेयर की थी। उन के साथ एक फोटो भी है जिसमें हम और चाचा चाची साथ में है। उस फोटो को देख के पता नहीं कैसे पर विनुता जोरापुर एकदम सही पकड़ लिए, कि जब […]

15 अगस्त वाली ट्रिप – ट्रिपिंग इन टू द हिल्ज़ ऑफ़ इंडियन हिमालय | पार्ट – 3

पहाड़ सुकून हैं कि जूनून, यह जानने हम मनाली से आगे निकल लिए! भाईलोग, बात सीधी-सी है, हम से एक जगह ज्यादा देर नहीं टिका जाता. पहाड़ों में आकर तो खासकर ऐसा होता है. वैसे भी, पहाड़ों में घूमने से कब किसका दिल भरा है. Lagom स्टे से हमारी 15 अगस्त […]

Birds eye view of the shangarh meadow

Snowline Homestay Shangadh – यहाँ से शांघड ग्राउंड का बर्ड्स आई व्यू दिखता है!

घुमक्कड़ी की दुनिया में सैंज वैली आज किसी पहचान का मोहताज़ नहीं है. साल के हर वीकेंड पर आपको यहाँ टूरिस्ट मिल जाएंगे. आज से दो साल पहले एक समय था जब सैंज आने के लिए हमें घंटों इंटरनेट पर खुदाई करनी पड़ी थी. रहने के लिए रोपा में एक फॉरेस्ट रेस्ट हाउस और घूमने के लिए GHNP का पूरा जंगल. कुछ तीन सालों में आज आलम ये है कि हर गाँव में आपको होमस्टे और कैंपिंग की सुविधा मिल जाएगी. ऐसे में हमने सोचा कि सैंज के हॉटस्पॉट शांघड में आपको एक ऐसे होमस्टे का पता बताएं जहाँ इतनी ऊंचाई पर आप सभी बेसिक एमेनिटीज एक ट्रेडिशनल हिमाचली होमस्टे का एक्सपीरियंस ले सकते हैं.

Ashutosh Verma in Turtuk

A Reader’s Travelogue To Ladakh | प्रकृति का एक खूबसूरत तोहफ़ा – लेह, लद्दाख

करीब दो महीने पहले मैंने फैसला लिया कि इस बार लेह-लद्दाख के सफ़र पर जाऊंगा. फ़िल्मों में दिखने वाले लद्दाख के पहाड़ों, झील, नदियों और खूबसूरत रास्तों को अपनी आंखों से देखने की तमन्ना थी. सितंबर में मैंने अपनी ये ख़्वाहिश पूरी की. मैं ये ज़रूर कहूंगा कि लद्दाख की […]

The city of Leh as seen from height

Places to Visit In Leh and Around – A Bawray Banjaray Guide

The culture of Ladakh, the people of Ladakh, the monasteries of Ladakh and the Homes of Ladakh – Leh has it all to give you a hint of how grand and magnificent is this region which has recently become the 9th Union Territory of Indian State. Read to know about some of the must-visit places in Leh and around.

Root Bridge of Meghalaya

Trek To The Double Decker Living Root Bridges Of Meghalaya – 6000 सीढ़ियों वाली ट्रेक

वंडरलस्टर्स की बकेट लिस्ट्स में मेघालय अचानक से फेमस हो गया! बस पिछले तीन साल का टूरिस्ट काउंट और मेघालय के ऊपर बनाया गया कॉन्टेंट काउंट ही कम्पेयर किया जाए तो आपको इसका पता चल जाता है कि नार्थ ईस्ट इंडिया is a the new cool! इस ट्रेंड को सेट […]

Bawray Banjaray Team in Sainj Valley

बाल काण्ड – Le Ladakh शुरू होने से ठीक पहले तक

Le Ladakh: ये कहानी है एक किस्से की! हमारे आपके समय से कोसों दूर, दुनिया से अलग एक दुनिया बसती है. यहाँ समय घड़ी को मोहताज़ नहीं है. स्थिर है. मानों ध्यान लगाए बैठा है. या शायद किसी सफर में है. इस किस्से का सफर एक अनंत की यात्रा है. ये किस्सा एक कहानी का है. पढ़िए बाल काण्ड का दूसरा पार्ट !

View from the Lagom Homestay in Manali

15 अगस्त वाली ट्रिप – ट्रिपिंग इन टू द हिल्ज़ ऑफ़ इंडियन हिमालय | पार्ट 2

ट्रिप की प्लानिंग स्टेज में ही हमारी शुरुआत सर्प्राइज़ के साथ हुई। अभी तो पहाड़ पहुंचे ही थे। हफ़्ते भर की यात्रा तो अभी होनी थी, और एक हफ़्ते की ट्रिप में कितने ‘सर्प्राइज़’ हो सकते हैं — हम फिर कह रहे हैं, आपको, हमको, किसी को नहीं पता। हफ़्ते का ट्रैवल आपको बहुत कुछ दिखा सकता है। पढ़िए, ट्रिप मनाली कैसे पहुँच गई? पार्ट 3 पढ़िए!

Gandhi से बड़ा ट्रेवल इन्फ्लुएंसर कोई नहीं!

उदाहरण, इंस्पिरेशन, लर्निंग – सब बापू ही हैं!150वां हैप्पी बर्थडे है आज! देसी ट्रैकिंग स्टिक लेकर पूरा इंडिया ट्रेक किएला है भाई बाप ने! और घूम घूम कर ही, क्या उधम मचाया! गांधी की यात्राओं में आपको सेल्फ़ एस्टीम का टूटना, बेसिक सवाल पूछना, गलत और सही को नई समझ देना, एक इन्फ्लुएंसर होना और ऐसी कई चीज़ें मिल जाएंगी जो अपनी यात्राओं पर हम आप भी एक्सपीरियंस करते हैं.
हमारे लिए तो बापू #travelgoals में आते हैं.
घूमो तो ऐसा घूमो!

monastery in bagori village near harshil

Bagori Village – उत्तराखंड की हर्षिल घाटी में बसा एक आदर्श ग्राम

“असली भारत गाँवों में बसता है।” – महात्मा गांधी  ध्यान से सोच कर देखें तो गांधी जी का यह कथन कई मायनों में हमको उन सवालों के जवाब दे सकता है, जिनको हम सभी समझने की आशा रखते हैं। सवाल कि आख़िर ‘भारत क्या है’, ‘ये कहां बसता है’, ‘इसकी […]